Wednesday, November 2, 2016

भारतके राष्ट्रपति मुखर्जी ३दिन केलेल नेपाल में



✍अशोक कुमार सहनी
अपन मिथिला , १७ कात्तिक–तिनदिन के राजकीय भ्रमण केलेल भारतीय राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी काठमाडौ अखुन पूगल अछि । राष्ट्रपति मुखर्जी दुपहर के साढे १२ बजे काठमाडौंमें त्रिभुवन अन्तराष्टिय एयरपोर्ट में उतरल अछि ।

भारतके राजधानी दिल्ली इन्दिरा गान्धी अन्र्तर्राष्ट्रिय एयरपोर्टसँ मुखर्जी विशेष प्प्लेनमे नेपाल ऐल अछि । मुखर्जीके स्वागतकेलेल नेपाल के राष्ट्रपति विद्यादेवी भण्डारी नेपाल के एयरपोट पुगल छेल । मुखर्जी एयरपोट से सिधा राष्ट्रपति भवन शितलनिवास पूगल अछी ।

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Saturday, September 17, 2016

मैथिलि फिल्म “राखी के लाज” बहुत जल्दी आबै रहल अछि दर्शके के दिल जितैले

अशोक  कुमार सहनी ,ऑनलाइन सिरहा डटकम
समस्तीपुर के आनंद प्रोडक्शन के बैनर में बैनरहल मथिली फीचर फिल्म “राखी के लाज” के शूटिंग सफलतापूर्वक संपन्न भेल अछि | ई सिनेमा के शूटिंग 27 अक्टूबर 2015 के शुरू केल गेल छेल| स्थानीय कलाका के अभिनय से सजल ई फिल्म येहे साल के अंत तक ई फिल्म रिलीज़ होई के सम्भावना अछि | ई फिल्म औरत सशक्तिकरण पर आधारित अछि।

ई फिल्म के निर्देशक नरेश मंडल ग्राम दशौथ जिला समस्तीपुर के निवासी अछि| श्री मंडल अपन बहुमूल्य समय फिल्म नगरी मुंबई में बहुत नीक बैनर के साथ काज कके अनुभव प्राप्त केने अछि | नरेश जी अपन कुशल निर्देशन से फिल्म के भली भांति सजेने अछि, फिल्म के कहानी के लेखक आशुतोष सागर अछि। आ ओकरे लिखल गीत के संगीत से सजेने अछि प्रमोद, रोहित और मनीष जी |
छायांकन पवन मिश्रा के अछि। इसके सह निर्देशक ख़ुशी यादव, कार्यकारी निर्माता राम रसीला, प्रोडक्शन हेड प्रभात रॉय अछि|


फिल्म के मुख्य कलाकार के रूप में राम रसीला, आशुतोष सागर, कंचन सिंह, मंजू दुबे और सब काम केने अछि | समाज में औरत पर भरहल अत्याचार के खिलाफ नारी सशक्तिकरण के किरदार कर्णप्रिय गीत संगीत के साथ साथ फिल्म के माध्यम से मैथिलि भाषा में लोग के बीच पहुचाबैके के प्रयास केल गेल अछि | ई फिल्म दर्शके के खूब मनोरंजन करैत |


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कोशी नदीमे नाऊ डुबल , ३६ जनके सकुशल उद्धार

असोज १ । सुनसरीको सप्तकोशी नदीमे  नाऊ  डुबल  अछि । श्रीलंका टापुस  प्रकाशपुर –५ राजावासा आइब रहल नाऊ कोशी नदीमे डुबल छल  । नाउमे बैठल यात्रुके छल से  खुइल नैसकलमुदा  ३६ जनके  सकुशल उद्धार कल गेल अछि  से जानकारी  जिल्ला प्रहरी कार्यालय सुनसरीके  एसपी पोषराज पौडेल कहने अछि  नाउमे  कते  बैठल रहै  से  यकिन नै भेलोस  अखन तक  ३६ जनके  सकुशल उद्धार भेल हुनकर कहब अछि  । पौडेलके कहनाम ३६ जनके  उद्धार भेल छै । हुन्का सबहक स्वास्थ्य अवस्था सामान्य छै । कतेके  स्थानीय स्वास्थ्य संस्थामे उपचार भरहल छै त किछ लोग अपन घर सेहो चैल गेल छैथ । अखिनो उद्धारके काम कायमे रहल   से प्रहरीके कथन छै  सप्तकोशीमे  बाइढबेसी एला स खोजमे किछ समस्या आइब रहल छै  । प्रकाशपुरमे  साप्ताहिक रुपस लगैत आइब रहल हाट  करैके खातिर बहुत  सर्वसाधारण एकेटा नाउमे बैठल  रहै  । स्थानीयबासी, प्रहरी, सशस्त्र प्रहरी तथा नेपाली सेनाके टोली सब  अखिनको खोज तलास के काम चालुए राखने छै  ।

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कोसी नदीमें नाऊ पल्टल २२ गोटके बचाएल गेल, २३ गोटे बेपत्ता अछि

कोसी नदीमें नाऊ पल्टल  २२ गोटके बचाएल गेल, २३ गोटे बेपत्ता अछि
✍अशोक कुमार सहनी
अपन मिथिला, १ गते असोज । सप्तकोशी नदीमें सैनदिन ११.३० बजे नाऊ पल्टल २३ गोटे हरारहल अछि ।
सुनसरीके प्रकाशपुरसँ ४५  गोटे  यात्रीलके कोशीके दक्षिणदिसा रहल श्रीलङ्का टापुमें जारहल अवस्थामें नाऊ दुर्घटना भेल अछि । दुर्घटनामें परल २२ गोटे यात्रीके सकुशल उद्धार  केलगेल अछि आ और २३ गोटे सम्पर्क सँ बाहर  रहल अछि सुनसरीके प्रहरी उपरीक्षक पोषराज पोखरेल जी जानकारी देलक ।
यत् नाऊ पल्टल के बाध हरारहलके खोजै केलेल  जिल्ला प्रहरी कार्यालय सप्तरी कोसी ब्यारेजमें प्रहरी खटेने  अछि । जिल्ला प्रहरी प्रमुख एसपी भिमप्रसाद ढकालके नेतृत्वमें ५० गोटे प्रहरी हरारहल सबके खोजैकेलेल कोसी ब्यारेज पुगेल अछि ।
एसपी ढकालके अनुसार ब्यारेजमें  आँखिन प्रहरीसब स्थानियके १० टा नाऊ सेहो खोजै और उद्धार कार्यके लेल नदीमें  लेने अछि आ खोजैरहल अछि । नाऊ पल्टलाके बाध हरारहलसब बाईढ़ के साथी कोसी ब्यारेज आबैसकै तैकेलेल ब्यारेजमें खोजैके  काम और उद्धार कार्य जोर केने छि ढकाल जी जनकारी देलक । येता सुनसरी प्रहरी सेहो कोसी ब्यारेजमें खटाल अछि । कोसीके पाइन काबूमें करै केलेल बनल कोसी ब्यारेज सप्तरी आ सुनसरीके सिमामें परै अछि ।

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वर्तमान युग मे वैवाहिक सम्बन्ध कमजोर हेबाक कारण कि?

मिथिलामें वैवाहिक सम्बन्ध आब ओतेक मजबूत किऐक नहि?
शोध-विचारः प्रवीण नारायण चौधरी
vivah par mehandi raangal haath१. विवाहक औसत उम्र पहिले सँ बहुत बेसी।
बाल विवाह सँ कनेक हँटल रजस्वला धर्मकेर प्राप्ति उपरान्त मिथिलामें आम मैथिल बेटीक विवाह लेल सोचय लगैत छल, ई परंपरा शायद हाल ८० के दशक धरि देखल गेल अछि। एखनहु किछु पिछडल तवकाक लोकजनमें एहि परंपराक निर्वाह कैल जाइत अछि, यथा डोम, दुसाध, चमार, कुम्हार, कियोट, मुशहर, आ मुस्लिम, आदि। लेकिन तथाकथित उच्चवर्ग ब्राह्मण, कायस्थ, भुमिहार, राजपुत, आदिमें आब कानूनी उम्र यानि कम से कम १८ वर्ष तक तऽ विवाह करेबाक प्रश्ने नहि उठैत छैक, ऊपर सँ उच्च शिक्षा प्राप्त करबाक महात्त्वाकांक्षाक संग-संग अपन स्वाबलंबन प्राप्त करबाक चक्करमें निसंदेह विवाहक औसत उम्र २५-३० वर्ष बनि गेल छैक।
२. वर्तमान परिवेशमें टीवी-सिनेमाक असरसँ विवाह पूर्व प्रेम-चक्कर बढनाय।
एहि में कतहु दू मत नहि जे क्रमश: सामाजिक विकासमें टीवी, सिनेमा, कंप्युटर, मोबाइल आ अन्य उपकरणक संग साबिक सँ रहल मैगजीन, उपन्यास, फूहर-साहित्य, सेक्स व मनोरंजन कथा आदिमें जुडि गेल अछि जेकर प्रचार-प्रसार मिथिलामें सेहो खूब होवय लागल छैक। महिला-स्वतंत्रता जतय पहिले किछु सीमित जाति-समुदायमें रहल छल आ विवाहेतर सम्बन्धक कोनो खास फरक मात्र ओहेन गोटेक समुदायमें बड पैघ नहि वरन् सामान्य मानल जेबाक एक संभावना रहैत छल से आब हर समुदायमें मानू खूब फूलित-फलित होवय लागल अछि। साइकिल, मोटरसाइकिल, गाडी आब मिथिलाक महिला सेहो चलबैत छथिन, तखन सिनेमा जेकाँ प्यार नहि होइन तऽ फोरवार्डनेस कथी लेल अपनेली! अवस्था एहेन छैक जे आब विवाह पूर्व शारीरिक सम्बन्ध आ विवाहेतर शारीरिक सम्बन्ध के संस्कृति प्रवेश पबैत मिथिलाक स्वच्छताकेँ प्रदूषित कय चुकल छैक।
३. नशापान आ प्रदर्शनकारी जीवनचर्याक अनियंत्रित असर।
समाजमें आब भाँग, गाँजा, ताडी, महुआ, देसी नहि बल्कि विदेशी शराब अश्लील सीडी-विडियो आदिक प्रदर्शन सँ आम जीवनचर्या काफी प्रभावित छैक। यदि समाजक पुरुषमें विकृत एतैक तऽ अन्तिम प्रभाव महिलामें सेहो प्रदूषण प्रवेश करेबे करतैक। विगत किछु वर्ष सँ वेश्यावृत्ति आ परस्त्रीगमन केर संख्यामें बहुत पैघ बढोत्तरी देखल जा रहल छैक। नशापानक जैड छैक मानसिक विकृति आ कम मेहनत सँ बेसी आमदनी ताकय के एक अजीबोगरीब मानसिकता, एहि के चलते अपराध आ देखावटी जीवन-शैलीक कारणे जीवनचर्या अनियंत्रित भेल जा रहल छैक।
४. दहेजक विकृत स्वरूपक असर लोकचर्याकेँ प्रभावित केने जा रहल छैक।
वैवाहिक सम्बन्ध कायम करबाक लेल न्युनतम् पूँजी – यानि दहेज आ विवाह खर्च केर सीमितता आ वर्तमान परिवेशमें इज्जत सँ पैघ आर्थिक हैसियत बनेबाक होडके चलते सेहो वैवाहिक न्युनतम उम्र प्रभावित भेल जा रहल छैक, एकरो प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष असर समाजक हर व्यवस्थामें अस्वच्छता-अनैतिकताक प्रवेश करा रहल छैक।
५. मूल संस्कृति आ सभ्यता सँ दूरी।
समग्र में परिस्थितिक बदलाव आ राजनैतिक असुरक्षा (बिना राज्य आ मजबूत विकसित स्वविकास साधन) के कारण मिथिलाक हर मूल्यवान-महत्त्वपूर्ण व्यवस्था आब समाप्तप्राय भऽ रहल छैक। जाहि संस्कृति पर संसारकेँ गर्व छल से आब क्रमश: बिगडैत जा रहल छैक। पारिवारिक धर्म – सामाजिक धर्म – सामुदायिक धर्म – सांसारिकताक उच्छृंखल वर्तमान भौतिकवादितामें एना कऽ फँसि रहल छैक जाहि सँ निजात लेल बड पैघ क्रान्ति आ स्वराज्य स्थापना मात्र एक अन्तिम उपाय देखाइत छैक जाहि सँ पलायन रोकल जा सकैक, कुटमैतीक सहज वातावरण बनाओल जा सकैक, आदर्श वैवाहिक सिद्धान्त कानूनी रूपमें समाजपर थोपल जा सकैक, अव्यवहारिक आ प्रदर्शनकारी अपव्यय आदिसँ बचेबाक लेल समुचित राजकीय उपाय कैल जा सकैक… यैह सभ उपाय सँ मिथिलाक लोक-संस्कृतिकेर रक्षा संभव छैक आ परिस्थितिकेँ सहज बनाओल जा सकैत छैक, वरना अनियंत्रण आ अराजकता स्वाभाविके छैक, रहबे करतैक, नित्य बढिते जेतैक।
जाहि भूमिपर वेदान्त अनुरूप व्यवहार छलैक, ताहि ठाम वेद-विरुद्ध व्यवहार बढि गेलाक कारणे आब विवाह सम्बन्ध – एक पति वा पत्नी संग जीवन निर्वाह – ब्रह्मचर्य सिद्धान्त आदि प्रभावित रहतैक आ दिन ब दिन समस्या बद सँ बदतर होइत रहतैक। आवश्यकता स्वयं जागृति आ स्वराज्य स्थापना सँ मिथिलाक अनमोल संस्कृतिकेँ बचेबाक छैक आ एहेन समस्या लेल समाजिक नियमकेर पालन जरुरी छैक।
जय मैथिली! जय मिथिला!!
हरि: हर:!!                                                                                                -मिथिला जिन्दाबाद 

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Friday, September 16, 2016

असोज ३ : मधेशी मोर्चा आ एमालेसंगे झगड़ा होइके सम्भावना

✍अशोक कुमार सहनीअपन मिथिला, ३१ गते भदौ । 
संविधान घोषणा भेल दिन असोज तीन (३)गते संयुक्त लोकतान्त्रिक मधेशी मोर्चा काला दिन मनाबै के आ प्रदर्शन करैके निर्णय कचुकल अछि । यत बेरस्पतै दिन नेकपा एमालेके स्थानीय समिति बैठकसँ अजोस तीन गते संविधान दिन धूमधाम के साथ मनाबै के निर्णय केलक।
मधेशी मोर्चा असोज दुई गते सँ रंग-बिरंग के कार्यक्रम करैके  चार(४) गते तक विरोध करैके निर्णय कचुकल अछि ।
एमाले असोज तीन गते पूरानेपालमें ओहो रंग-बिरंग के कार्यक्रमसाथमे जुलुस प्रर्दशन करैके सचिव प्रदिप ज्ञावाली जानकारी करोने अछि ।
असोज तीन गते मधेशी मोर्चा सेहो  सदरमुकामसबमे जुलुश आ सभा कके विरोध करत आ एमाले सेहो करत ओहि टाइम में जुलुस और सभा करत तब बहुत ठाम में झगड़ा होइके सम्भावना रहल अछि ।
यत काठमाडौंमें सेहो मधेशी आ एमाले कार्यकर्ताबीचमें झगड़ा भस्कैय । असोज तीन गते मधेशी युवासबके अगुवाईमें मधेशी समाजके व्यानरमें काठमाडौंमें प्रदर्शन हेत । ओहि दिन एमाले काठमाडौंके बहुत ठामसँ ढोल-पिपिहि के साथ प्रदर्शन करैत शान्तिबाटीका पुगत। दुपहर के २ बजे बसन्तपुरमें पार्टी अध्यक्ष केपी ओली सम्बोधन करैवाल अछि।

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Saturday, September 10, 2016

भारतमें एसिड आक्रमण करैवलाके मौत के सजा देलक

अन्तर्राष्ट्रिय समाचार

भारतमें एसिड आक्रमण करैवलाके मौत के सजा देलक

एजेन्सी
✍अशोक कुमार सहनी

भारतमें एक लड़की के ऊपर एसिड आक्रमण केने एक गोटे के मौत के सजाय सुनेने अछि । तीनसाल पहिले  उमेर २३ के प्रिती राठी ऊपर मुम्बईके बान्द्रा रेल्वे स्टेशनमें एसिड आक्रमण केने उमर २५के  अङ्कुर पन्वरके मुम्बईके एक अदालत मृत्युदण्डके सजाय सुनेलक।

एसिड आक्रमणके कारण फोक्सो आ आखाँमें गम्भिर चोट लागल प्रितीके घटनाके एक महिनाबाध इलाजके क्रममें  मौत भेल छेल। अङ्कुर प्रहरी समक्ष विवाहके प्रस्ताव नै मानलक तब प्रितीमा ऊपर आक्रमण केलो से बयान देने छेल ।

प्रिती दिल्ली सँ भारतीय जलसेनाके नर्समें भर्ना होइले मुम्बई ऐल समय पड़ोसी अङ्कुर ओकरा ऊपर आक्रमण केने छेल  । उ घटनाके बाध भारतके सर्वोच्च अदालत संघीय आ राज्य सरकारके एसिड बिक्रिबितरणमें रोक लगाबैके  आदेश देने छेल ।

और अदालत आधिकारीके परिचय भेल आदमी सबके मात्र एसिड बेचै के कहने छेल तबसे भारतमें कुछ समय सँ एसिड आक्रमणके घटना कुछ घटल  से बतोलक अछि।।


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